भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार मैचों की बॉर्डर गावस्कर सीरीज (Border Gavaskar Trophy) का पहला मैच 9 फरवरी से खेला जाएगा. भारतीय सेलेक्टर्स ने फिलहाल के लिए इस सीरीज के शुरुआती दो मैचों के लिए ही टीम का ऐलान किया है. इस स्क्वॉड में हिस्सा ना बनने वाले एक युवा खिलाड़ी ने अपने खेल को लेकर बड़ा बयान दिया है.

इस युवा खिलाड़ी ने दिया बड़ा बयान

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आगामी चार मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए नजरअंदाज किए गए मुंबई के बल्लेबाज सरफराज खान (Sarfaraz Khan) ने याद किया कि कैसे उन्होंने लोगों की धारणा को बदल दिया कि वे एक सफेद गेंद के खिलाड़ी हैं और टेस्ट के खिलाड़ी नहीं हैं. सरफराज ने यह भी याद किया कि कैसे उन्होंने अपने मौके का इंतजार किया और फिर रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए बल्लेबाजी करने का मौका मिलने पर तिहरे शतक लगाकर जवाब दिया.

सरफराज को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट टीम में मध्य-क्रम स्थान के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा था, लेकिन चयनकर्ताओं ने रेड-बॉल क्रिकेट के लिए सूर्यकुमार यादव को चुना है. आकाश चोपड़ा द्वारा होस्ट किए जाने वाले जियो सिनेमा के नए दैनिक शो ‘हैशटैग आकाशवाणी’ पर बातचीत में, सरफराज ने बताया कि कैसे हर कोई कहता था कि वह केवल टी20 औ वनडे के खिलाड़ी हैं और लाल गेंद के लिए फिट नहीं हैं. सरफराज खान ने कहा, ‘जब मैं वर्ल्ड कप से लौटा और 1-2 साल तक आईपीएल खेला, तो कुछ लोगों ने कहा कि सरफराज खान सफेद गेंद के खिलाड़ी हैं, जो लाल गेंद के क्रिकेट में फिट नहीं बैठते हैं. लेकिन मुझे पता था कि मैं यह कर सकता हूं और मैं इस पर कड़ी मेहनत कर रहा हूं.’

सरफराज खान (Sarfaraz Khan) ने कहा, ‘मैं एक अवसर की प्रतीक्षा कर रहा था, जहां मुझे रणजी ट्रॉफी में लगातार खेलने के लिए 4 से 5 मैच मिल सकें, इसलिए मैं उन्हें दिखाऊंगा कि मैं कौन हूं. जब वह दिन आया, मैंने मुंबई के लिए वापसी की, और मेरा पहला शतक मुंबई के लिए सीधे तिहरे शतक में बदल गया. उसके बाद, मुझे एहसास हुआ कि चीजें उतनी मुश्किल नहीं हैं जितना लोग उन्हें बनाते हैं. मेरा भी बचपन से एक सपना था कि मैं मुंबई के खेलूं.’

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